Javelin Throw के नियम

महत्वपूर्ण भाला फेंक (Javelin Throw) के नियम और क़ानून क्या है?

क्या आप भी ओलंपिक जैसे खेलों में मेडल जीतकर भारत और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहते हैं? इस पोस्ट में Javelin Throw के नियम के बारे में जानेंगे।

भारतीय Javelin Thrower नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय युवाओं के मन में ओलंपिक के प्रति एक नई लहर की शुरुआत कर दी है।

इस पोस्ट में आपको कुछ ऐसे Javelin Throw नियम और कानून बताए जाएंगे। जो नियम और कानून ओलंपिक में लागू होते हैं। जिसकी मदद से आपको भी नीरज चोपड़ा की तरह अपने घर से ही शुरुआत कर सकते हैं।

नीरज चोपड़ा ने अपने मेहनत और लगन के चलते भारत को काफी समय बाद स्वर्ण पदक का दावेदार घोषित किया है।

Javelin Throw के नियम
Javelin Throw

सबसे पहले आप भाला फेंक की इतिहास के बारे में समझ लीजिए। ताकि अगर कोई आपसे पूछे तो आप बेझिझक उन्हें आसानी से बता सकते हैं।

Javelin Throw क्या होता है?

Javelin Throw को हिंदी में भाला फेंक कहा जाता हैं। प्राचीन समय में ग्रीस के लोग भाला का उपयोग शिकार करनेेेे के लिए करते थे।

इसे 1908 में पुरुषों के लिए तथा 1938 में महिलाओं के लिए ओलंपिक में खेल के रूप में स्वीकार किया गया। अब Javelin Throw ओलंपिक का एक महत्वपूर्ण खेल बन गया है।

प्राचीन समय में लोग अपनी ताकत का उपयोग करके भाला को फेंकते थे। परंतु आधुनिक समय में ताकत के साथ-साथ कुछ तकनीकी बातों को ध्यान में रखकर इसे फेंका जाता है।

आधुनिक समय में Javelin Throw का उपयोग खेलों में किया जाता है। फल स्वरूप Javelin Throw के कुछ नियम और कानून बनाए गए हैं।

हर खेल की तरह Javelin Throw के नियम और कानून होते हैं। जिसको ध्यान में रखकर हर खिलाड़ी अपने खेल का प्रदर्शन करता है।

चलिए इस खेल के नियम के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

Javelin Throw के नियम क्या है?

अन्य खेलों की तरह Javelin Throw में भी खिलाड़ियों को नियमानुसार भाला फेंक ना होता है। एक-एक करके इन सभी नियमों को समझने का प्रयास करते हैं।

Javelin Throw के नियम
Javelin Throw के नियम

मैदान के नियम

Javelin Throw में मैदान के उच्च मापदंड का नियम सबसे महत्वपूर्ण होता है। जो हर खिलाड़ी को पता होना चाहिए।

  • 33 मीटर लंबी तथा दोनों तरफ 4 फीट चौड़ी एक पट्टी होती है। सामने की तरफ एक छोटा सा गोलाकार भाग होता है जो इन दोनों पट्टी को जोड़ने का कार्य करता है। इसे foul line कहते हैं। जिस पर खिलाड़ियों को दौड़ कर भाला फेंकना होता है।
  • अगर खिलाड़ी foul line के दूसरी तरफ जाता है तो उसे उस राउंड में निष्कासित कर दिया जाता है। यद्यपि हर खिलाड़ी को भाला फेंकने के लिए 6 राउंड दिया जाता है।
  • सामने की तरफ 29 डिग्री पर दोनों तरफ लंबी लाइन होती है, खिलाड़ियों के लिए अधिकतर दूरी 100 मीटर दिया जाता है।
  • क्योंकि ओलंपिक में सबसे लंबा भाला फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड 98.20 मीटर है। अभी तक इस रिकॉर्ड को कोई भी खिलाड़ी तोड़ नहीं पाया है।

खिलाड़ियों के नियम

सभी खिलाड़ियों को मैदान में बनाए गए नियमों को पालन करना पड़ता है। इसके साथ-साथ खिलाड़ियों को कुछ अन्य नियमों को भी पालन करना होता है।

  • किसी भी खिलाड़ी को भाला फेंकते समय सफेद पट्टी के बाहर नहीं जाना होता है।
  • भाला को एक हाथ से पकड़ कर फेंकना होता है।
  • हाथ में किसी भी प्रकार के दस्ताने (Gloves) का प्रयोग नहीं करना होता है।
  • हाथ में Chalk के अलावा किसी अन्य पदार्थ का उपयोग नहीं करना होता है।
  • भाला फेंकते समय अपने शरीर को पूरा गोल नहीं घुमाना होता है।
  • भाला का नुकीला हिस्सा जमीन में घुसना बहुत ही आवश्यक होता है। अन्यथा निष्कासित (foul) घोषित कर दिया जाता है।

भाला (Javelin) का नियम

  • पुरुषों के लिए भाला की लंबाई 102 इंच से लेकर 106 इंच तक होता है। तथा इसका वजन लगभग 800 ग्राम होता है।
  • महिलाओं के लिए भाला की लंबाई लगभग 90 इंच होता है और इसकी वजन लगभग 500 ग्राम होता है।
  • इसके आगे के हिस्से में नुकीले धातु का पदार्थ लगा होता है।
  • बीच में खुरदुरा भाग बनाया जाता है। जिसे पकड़ने में आसानी हो।

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निष्कर्ष (Conclusions):-

भाला फेंक बहुत ही प्राचीन कला है। प्राचीन समय में लोग इसका उपयोग शिकार करने तथा युद्ध के मैदान में करते थे। प्राचीन समय में Javelin Throw के नियम और कानून नहीं होते थे। क्योंकि उन्हें अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए भाला (Javelin) का उपयोग किया जाता था।

इसे भारत में भी महाराणा प्रताप द्वारा युद्ध के मैदान में उपयोग किया गया था। वह भाला आज के ओलंपिक भाले से अलग होता था। क्योंकि उसे युद्ध के लिए ही बनाया जाता था।

महाराणा प्रताप के नाम पर भारतीय कवियों ने इनके भाला का गुणगान गाते हुए

द्वंद कहा तक पाला जाए, युद्ध कहां तक टाला जाए।

तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहां तक भाला जाए।

नीरज चोपड़ा ने इसे सिद्ध कर दिया है। इन्होंने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है।

सभी भारतीयों को नीरज चोपड़ा जैसे अन्य खिलाड़ी जो भले ही गोल्ड मेडल नहीं जीत पाए हैं। परंतु उनके कठिन परिश्रम और लगन को सराहना चाहिए।

हमें उम्मीद है कि भारत के लिए बहुत से खिलाड़ी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतेंगे और भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन करेंगे।

– जय हिन्द!

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