क्या Mobile में Sync का उपयोग करना सही है ?

Sync क्या है? जब भी आप अपने फोन के ई-मेल में या फिर कहीं ना कहीं सेटिंग में Sync का विकल्प देखते है। तब आपके मन में भी Sync से संबंधित कोई ना कोई सवाल जरूर आया होगा।

हेलो दोस्तों, आज हम Sync के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे। जैसे कि Sync क्या है? Sync का उपयोग कब करना चाहिए और कब नहीं करना चाहिए ? Google को Sync तकनीकी लाने की जरूरत क्यों पड़ी? ऐसे ही अन्य बहुत से सवालों के जवाब आपको इस पोस्ट में अवश्य मिलेगी।

Sync क्या है ?

Sync का फुल फॉर्म Synchronisation ( सिंक्रोनाइजेशन ) होता है। Synchronisation का हिंदी में मतलब मेल-जोल कर व्यवस्थित रहना होता है। Sync Google द्वारा बनाया गया एक ऐसा तकनीक है जिसकी मदद से आप अपने मोबाइल में उपस्थित जानकारियों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ व्यवस्थित भी कर सकते हैं। जैसे कि Contact, Email, Photo’s, Social media accounts इत्यादि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को आप गूगल सर्वर के साथ मिलाप कर सकते हैं।

Server क्या होता है?

सरवर एक मेमोरी की तरह काम करता है। जिस प्रकार हमारे फोन में 32GB , 64GB की मेमोरी होती है। उसी प्रकार गूगल के पास असीमित मेमोरी होती है। इस मेमोरी का उपयोग गूगल अपने उपयोगकर्ता की डेटा को स्टोर करने के लिए उपयोग करता है।

इसे हम आसान भाषा में उदाहरण के साथ समझते हैं,

अगर आप किसी भी प्रकार की जानकारी जैसे कि Contact, Email, Photo’s, Social media accounts इत्यादि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को आप गूगल सर्वर पर Gmail account के माध्यम से अपलोड (Sync करना) कर देते हैं। तो वह जानकारी गूगल अकाउंट में संग्रहित (store) हो जाता हैं।

इस जानकारी को आप पुराने मोबाइल से नए मोबाइल में भी भेज सकते हैं। इसे दुनिया में कहीं से भी किसी भी मोबाइल या कंप्यूटर में लॉगिन करके देख सकते हैं। आप अपनी जानकारी को जिस गूगल अकाउंट में सुरक्षित रखते हैं। उस अकाउंट का ईमेल आईडी और पासवर्ड याद होना बहुत ही आवश्यक है।

ईमेल आईडी और पासवर्ड की मदद से आप जिस मोबाइल में गुगल अकाउंट का उपयोग करके लॉगिन करेंगे, उस गुगल अकाउंट में सुरक्षित (save) सभी जानकारी इसमें आ जाएगा। अब आप यह तो समझ गए होंगे कि Sync क्या है? अब समझते हैं कि मोबाइल में इसका उपयोग करना सही है या ग़लत ?

End-to-End encryption क्या होता है?

क्या मोबाइल में Sync का उपयोग करना सही है?

मोबाइल में Sync का उपयोग करना अलग-अलग व्यक्ति पर निर्भर करता है। इन्हें दो भागों में बांटा जा सकता है, जैसे कि

1. इंटरनेट डाटा को जरूरी कार्यों के लिए उपयोग करने वाले लोग :-

कुछ लोग होते हैं, जो मोबाइल के इंटरनेट डाटा को बेकार नहीं करना चाहते हैं और उनके मोबाइल फोन में ज्यादा महत्वपूर्ण जानकारी नहीं होती है। यह अपने इंटरनेट डाटा को अपनी जरूरत के अनुसार ही उपयोग करना चाहते हैं। तो ऐसे लोग सिंक का उपयोग नहीं करना चाहेंगे।

क्योंकि किसी भी मोबाइल को सिंक करने में आपके मोबाइल में उपस्थित जानकारी की मात्रा के अनुसार इंटरनेट डाटा भी लगता है। इसमें आपका ज्यादातर डाटा आपके फोन से गूगल सर्वर पर जानकारी अपलोड होने में खत्म होने लगेगी। जिससे अन्य जरूरत कामों के लिए आपके पास इंटरनेट डाटा की कमी महसूस हो सकती है।

2. प्रचुर मात्रा में इंटरनेट डाटा रखने वाले लोग :-

कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनको इंटरनेट डाटा खत्म होने की चिंता बिल्कुल भी नहीं होती है। यह लोग इंटरनेट पर अपने उपयोग अनुरूप कोई भी चीज अपलोड करना, डाउनलोड करना लंबे-लंबे समय तक वीडियो देखना इत्यादि चीजें करते रहते हैं। और इनको इंटरनेट डाटा उपयोग होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

ऐसे लोग गूगल अकाउंट के सिंक विकल्प शुरू कर सकते हैं। और अपने उपयोगी इंफॉर्मेशन डाटा को गूगल सर्वर पर अपलोड कर सकते हैं। भविष्य में जरूरत पड़ने पर गूगल अकाउंट द्वारा लॉगइन करके इसे उपयोग भी कर सकते हैं।

Google को Sync तकनीकी लाने की जरूरत क्यों पड़ी?

कभी-कभी कुछ लोग एक ही गुगल अकाउंट को एक से अधिक मोबाइल या कंप्यूटर में उपयोग करते है। सिंक का विकल्प ऑन करने से गूगल सर्वर पर उपलब्ध पहले मोबाइल की जानकारी दूसरे मोबाइल में चली जाती है।

ध्यान रहे आपके मोबाइल के मेमोरी में उपस्थित डाटा गूगल अकाउंट के माध्यम से ट्रांसफर नहीं होता है।

जिस जानकारी को आप सिंक करते हैं सिर्फ वही जानकारी दूसरे मोबाइल में ट्रांसफर होता है। जो जानकारी सिंक नहीं हो पाती है वह किसी अन्य मोबाइल में गूगल सर्वर के माध्यम से ट्रांसफर नहीं होता है।

चलिए हम इसे आसान भाषा में एक उदाहरण से समझते हैं,

मान लीजिए, एक बहुत ही बड़ा सा टैंक (बर्तन) छत पर रखा हुआ है। इस टैंक में पानी भरा हुआ है। दो छोटे टैंक जमीन पर रखे हुए हैं। यह दोनों टैंक बिल्कुल खाली है। पाइप के माध्यम से बड़े टैंक से दोनों छोटे टैंक को जोड़ दिया जाता है। जिससे बड़े टैंक का पानी दोनों छोटे टैंक में बराबर से भरे।

सिंक भी कुछ इसी तरह से कार्य करता है। जब आप गूगल अकाउंट को दो फोन में लॉगइन करते हैं। तो यह एक पाइप की तरह कार्य करता है। जिससे गूगल सरवर पर उपलब्ध जानकारी को दोनों मोबाइल में बराबरी से भेजा जाता है।

मोबाइल में उपस्थित जानकारी को सिंक कैसे करें?

मोबाइल में उपस्थित जानकारी को सिंक करने के स्टेप्स :-

  1. मोबाइल में सेटिंग ओपन करे।
  2. सेटिंग में Account & sync ढूंढें।
  3. अब Account & sync विकल्प पर क्लिक करें।
  4. इसके बाद Google का विकल्प दिखाई देगा। इसपर क्लिक करें।
  5. अब अपने Google Account को चुनें।
  6. आपको Calendar, Chrome, Contacts, G-mail इत्यादि अन्य विकल्प दिखाई देगा।
  7. इनमें से कोई भी विकल्प चुनकर उसे सिंक कर सकते हैं।
  8. चाहे तो आप सभी विकल्प को सिंक कर सकते हैं।

Conclusion (निष्कर्ष) :-

अगर आपके पास अधिक मात्रा में इंटरनेट डाटा है तो आपको अपने मोबाइल की महत्वपूर्ण जानकारियों को हमेशा सिंक करके रखना चाहिए। जिससे आप उन जानकारियों को आपके पास फोन ना होने पर भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

आपने सीखा की sync क्या होता है और sync का क्या उपयोग है। आप मोबाइल को सिंक करने के सभी स्टेप्स भी जान चुके हैं। अब आपके पास सिंह के बारे में इतना जानकारी हो ही गया है कि कोई भी व्यक्ति इसके बारे में पूछेगा तो आपको उसे बताने में कठिनाई नहीं होगी। Sync क्या है?

अगर फिर भी इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके मन में किसी भी प्रकार का सवाल रह जाता है तो आप कमेंट में अवश्य पूछें। आपको आपके सवालों का जवाब अवश्य मिलेगा।

अपना सवाल पूछें।